ग्वालियर-चंबल संभाग के शिवपुरी जिले में बारिश की बेरुखी अब कुछ कम होती दिख रही है। पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम के कारण जिले की औसत वर्षा में 71.95 मिलीमीटर की अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को पिछोर और रविवार शाम को कोलारस इलाके में हुई मूसलाधार बारिश से कई स्थानीय नदी-नाले उफान पर आ गए।
कोलारस में उफने नाले, अंडरब्रिज में भरा पानी
कोलारस क्षेत्र में तेज मानसूनी बौछारों के बाद लुकवासा चौकी अंतर्गत ग्राम उकावल जाने वाले रेलवे अंडरब्रिज में भारी जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसके अलावा कस्बे के जगतपुर से खटीक मोहल्ला मार्ग पर बनी गुंजारी नदी का रपटा भी पानी में डूब गया और उसके ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी बहने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में इस तरह के बहाव के दौरान हादसे हो चुके हैं।
भू-अभिलेख विभाग के ताजा आंकड़े
भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एक जून से नौ अगस्त 2026 तक जिलेभर में कुल 378.31 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़ा छह अगस्त तक 306.36 मिमी था, यानी तीन दिनों के भीतर औसत बारिश में लगभग 23.5 प्रतिशत की तेजी आई है। इसके बावजूद पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले जिले का मानसूनी कोटा अभी भी काफी पीछे चल रहा है।
पोहरी में सबसे अधिक और बैराड़ में सबसे कम वर्षा
तहसीलवार दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, नौ अगस्त तक पोहरी में सबसे अधिक 468 मिमी पानी बरसा है। इसके साथ ही शिवपुरी में 426.80 मिमी, कोलारस में 409 मिमी, करैरा में 404 मिमी, खनियाधाना में 368.50 मिमी, बदरवास में 361.50 मिमी, नरवर में 357 मिमी, पिछोर में 342 मिमी और बैराड़ में सबसे कम 268 मिमी बारिश दर्ज की गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!