ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले से एक हैरान कर देने वाला और अंचल में साहस की नई मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है। यहां के पोहरी अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले मोहनपुरा परिच्छा गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी बहादुरी से जंगली जानवर के हमले को नाकाम कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीण क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के साहस की चर्चा हो रही है।

झोपड़ी में सो रही थीं बुजुर्ग महिला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनपुरा परिच्छा गांव निवासी 70 वर्षीय दुस्सा बाई अपने खेतों में खड़ी फसल की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थीं। खेत पर बने कुएं के समीप उन्होंने एक छोटी सी झोपड़ी बनाई हुई थी, जहां वे रात के समय सो रही थीं। इसी दौरान एकाएक एक सियार ने वहां पहुंचकर उन पर धावा बोल दिया।

लाठी थामकर किया सियार का कड़ा मुकाबला

अचानक हुए इस वन्यजीव के आक्रमण से घबराने के बजाय दुस्सा बाई ने गजब का संयम और साहस दिखाया। उन्होंने तुरंत पास रखी लाठी उठाई और पूरी ताकत से सियार का प्रतिरोध किया। बुजुर्ग महिला के इस कड़े मुकाबले और तीखे तेवर के आगे आखिरकार सियार को पीछे हटना पड़ा और वह वहां से भाग निकला।

इस भीषण संघर्ष के दौरान सियार के नोंचने और काटने से दुस्सा बाई के दोनों हाथों तथा सिर पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत हरकत में आए और उन्हें उपचार के लिए फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका डॉक्टरी इलाज चल रहा है।

वन विभाग ने शुरू की मामले की जांच

इस घटना की भनक लगते ही स्थानीय वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। मामले की जानकारी देते हुए रेंजर श्रुति राठौर ने बताया कि विभाग की एक विशेष टीम को तुरंत मोहनपुरा परिच्छा गांव रवाना किया गया है। टीम मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

वन विभाग के अमले द्वारा इलाके में उस सियार की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही विभाग ने आसपास के खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।