शिवपुरी शहर की हनुमान कॉलोनी के एक मकान में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां 6 जुलाई को कबाड़ा उठाने के दौरान 17 वर्षीय एक किशोर हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना तेज था कि वह पहली मंजिल से सीधे नीचे जमीन पर आ गिरा।

हाथ ठेला लेकर कबाड़ा खरीदने गया था किशोर

घटना के संबंध में जानकारी मिली है कि पीड़ित सौरभ शाक्य अपने साथी सुमित शाक्य के साथ हाथ ठेला लेकर कबाड़ा इकट्ठा करने निकला था। जब वे हनुमान कॉलोनी स्थित एक मकान पर पहुंचे, तो मकान मालकिन ने सौरभ को ऊपर पहली मंजिल पर रखा कबाड़ा नीचे लाने के लिए कहा। जैसे ही सौरभ वहां कबाड़ा समेटने लगा, वह पास से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आ गया।

हालत गंभीर होने पर ग्वालियर किया गया रेफर

करंट की चपेट में आते ही सौरभ गंभीर रूप से झुलस गया और नीचे गिर पड़ा। उसके दोस्त सुमित ने तत्परता दिखाते हुए उसे हाथ ठेले पर लिटाया और तुरंत सिद्धि विनायक अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार न होने और हालत नाजुक बने रहने के कारण डॉक्टरों ने उसे उसी दिन ग्वालियर रेफर कर दिया। चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार, सौरभ का शरीर लगभग 70 प्रतिशत तक जल चुका है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मजदूरी कर चलाता था घर

हादसे का शिकार हुआ सौरभ फिजिकल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोलियों के मंदिर के पास का रहने वाला है। उसकी बहन काजल शाक्य ने बताया कि उनके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका है और उनका पूरा परिवार किराए के मकान में रहता है। सौरभ अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर मेहनत-मजदूरी करता था और इसी से परिवार का गुजारा चलता था।

परिजनों ने लगाए सुनवाई न होने के गंभीर आरोप

घटना के बाद से पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। बहन काजल का आरोप है कि जब वे लोग मामले की शिकायत लेकर संबंधित मकान पर गए, तो वहां मौजूद महिला ने मदद करने के बजाय उनके परिवार पर ही चोरी का इल्जाम लगा दिया और डराया-धमकाया। इसके बाद परिजन जब अपनी फरियाद लेकर कोतवाली थाने पहुंचे, तो वहां भी उनकी बात नहीं सुनी गई। अब गरीब परिवार प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और सौरभ के इलाज के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है।