शिवपुरी जिले में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पर खासा असर देखने को मिला। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक नाले से निकलकर करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ सीधे रिहायशी इलाके में आ गया। एक स्थानीय घर के ठीक सामने इस खूंखार जीव को देखकर रहवासियों के होश उड़ गए।
वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
इलाके के लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए घर के बाहर मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। खबर मिलते ही विभागीय अमला दल-बल के साथ मौके पर जा पहुंचा। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सावधानी बरतते हुए इस छह फीट लंबे मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद वन कर्मियों ने इस जलीय जीव को माधव टाइगर रिजर्व की सीमा में स्थित चांदपाठा झील में ले जाकर छोड़ दिया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दिनों में जलस्रोतों से मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों की तरफ आने की घटनाएं अक्सर चिंता का विषय बन जाती हैं।
पहली बार बहा भदैया कुंड का प्राकृतिक झरना
दूसरी ओर, जिले में हुई अच्छी बारिश का सकारात्मक असर शहर के लोकप्रिय पर्यटन केंद्र भदैया कुंड पर भी साफ नजर आया। मंगलवार की रात से शुरू हुए बारिश के सिलसिले के बाद बुधवार को इस सीजन में पहली बार भदैया कुंड का प्रसिद्ध प्राकृतिक झरना जीवंत हो उठा और उसका पानी कलकल बहने लगा।
लंबे समय से सूखे पड़े या शांत नजर आ रहे इस झरने में जलधारा फूटने के बाद यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है। मौसम के मिजाज को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहा, तो झरने का वेग और अधिक बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग का अलर्ट और बारिश के आंकड़े
मौसम विभाग ने आने वाले शुक्रवार को शिवपुरी जिले में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नदी, नालों और झरनों के आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसूनी सीजन में अब तक शिवपुरी जिले में कुल 445.49 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल इसी समयावधि तक जिले में औसतन 1050.76 मिमी पानी गिरा था, जबकि जिले की कुल सामान्य औसत बारिश 816.3 मिमी है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से हो रही वर्षा के कारण अब जलस्रोतों में पानी की आवक में सुधार होने लगा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!