ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले के करैरा में साइबर ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां साइबर अपराधियों ने कोरियर मिलने में हो रही देरी का फायदा उठाते हुए एक चौंसठ वर्षीय सेवानिवृत्त प्राचार्य को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ित से मोबाइल फोन पर संपर्क साधकर उन्हें एक फर्जी एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई, जिसके जरिए उनके बैंक खाते से पचास हजार रुपए निकाल लिए गए।
दवा का कोरियर नहीं मिलने पर शुरू हुई थी परेशानी
करैरा के घड़ियाली मोहल्ला स्थित बिहारी गंज निवासी अरविंद कुमार त्रिपाठी, जो कि एक सेवानिवृत्त प्राचार्य हैं, ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन दवाइयां मंगाते हैं। ग्यारह अगस्त को उनकी दवा का कोरियर समयानुसार घर नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने कोरियर कंपनी के माध्यम से संपर्क करने के प्रयास किए, लेकिन किसी कारणवश बात नहीं हो पाई।
फर्जी कर्मचारी बनकर किया था कॉल
कुछ समय बीतने के बाद उनके नंबर पर एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि पते में तकनीकी खामी या अपडेशन न होने के कारण पार्सल डिलीवर नहीं हो पा रहा है। शातिर ने बातों में उलझाकर प्राचार्य को गूगल प्ले स्टोर से एक विशेष कोरियर एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा। ऐप आधिकारिक स्टोर पर दिखने के कारण पीड़ित को कोई संदेह नहीं हुआ और उन्होंने उसे डाउनलोड कर लिया।
मोबाइल हैक कर की गई रकम की निकासी
एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के बाद ठग ने पता अपडेट करने के नाम पर औपचारिकताएं पूरी कराईं और फोन काट दिया। उसी शाम अचानक पीड़ित का मोबाइल फोन हैक हो गया। जब कुछ देर बाद डिवाइस सामान्य स्थिति में आया, तब उन्हें बैंक खाते से पचास हजार रुपए कटने का संदेश मिला। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत अपने फोन से सिम कार्ड निकाल लिया, जिससे किसी बड़ी और अतिरिक्त आर्थिक क्षति से बचाव हो गया।
इस घटना के संबंध में पीड़ित ने करैरा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। अब पुलिस अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, डाउनलोड कराए गए संदिग्ध एप्लीकेशन और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!