शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एनएच-46 पर गुरुवार की रात एक गंभीर सड़क हादसा पेश आया। सुमेला गांव के नजदीक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर मौजूद गौवंश को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में तीन गायों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गायें घायल अवस्था में तड़पती मिलीं।
गौशाला के पास सड़क पर घूम रहा था गौवंश
खास बात यह है कि यह पूरी दुर्घटना उस सुमेला गांव के पास हुई जहां स्थानीय स्तर पर गौशाला संचालित है। इसके बावजूद मवेशी लगातार हाइवे पर आ रहे हैं और वाहनों की रफ्तार का शिकार बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर घायल पशुओं के उपचार के लिए प्रयास किए।
इस मार्ग पर मवेशियों के हादساग्रस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 31 जुलाई 2026 को देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-46 पर जियो पेट्रोल पंप के पास एक भारी वाहन ने सड़क पर बैठे सात गौवंश को कुचल दिया था, जिससे सभी सात मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
बारिश के दिनों में बढ़ जाता है हाइवे पर मवेशियों का जमावड़ा
बरसात के इस मौसम में अक्सर मवेशी कीचड़, पानी और मक्खियों से राहत पाने के लिए एनएच-46 की सूखी सड़क पर आकर बैठ जाते हैं। हाइवे पर गुजरने वाले भारी वाहनों की तेज रफ्तार के चलते ऐसे समय में हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। गुरुवार की रात सुमेला के पास भी यही स्थिति इन बेजुबानों के लिए काल बन गई।
हादसों का यह सिलसिला सिर्फ पशुओं की जान तक सीमित नहीं है। पिछले दिनों 1 अगस्त 2026 को कोलारस थाना इलाके में एनएच-46 पर खाटू श्याम होटल के करीब एक ट्रक इन्हीं मवेशियों को बचाने की कोशिश में बेकाबू होकर पलट गया था। गनीमत रही कि उस घटना में एक व्यक्ति को केवल मामूली चोटें ही आईं।
प्रशासनिक सख्ती के दावों पर उठ रहे सवाल
जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा मवेशियों को सड़क हादसों से सुरक्षित रखने के लिए कड़े निर्देश और आदेश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है और लगातार हो रहे ये हादसे प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। हाइवे पर घूमता बेसहारा गौवंश जहां खुद अपनी जान गंवा रहा है, वहीं चालकों और यात्रियों की जान पर भी लगातार खतरा मंडरा रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!