शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में एक निर्माणाधीन गोदाम पर काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहाँ टीनशेड लगाने का काम कर रहे 35 वर्षीय मजदूर धर्मेंद्र ओझा अचानक करीब 30 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

ऊंचाई पर संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा

मृतक धर्मेंद्र ओझा शिवपुरी शहर की गणेश कॉलोनी के रहने वाले थे, जबकि उनके ममेरा भाई मनीष ओझा कोलारस के खटीक मोहल्ला के निवासी हैं। दोनों भौंती में रविंद्र जैन के गोदाम पर टीनशेड लगाने का कार्य कर रहे थे। घटना के समय धर्मेंद्र लगभग 30 फीट की ऊंचाई पर थे और मनीष उनसे करीब 15 फीट नीचे काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान धर्मेंद्र का संतुलन अचानक बिगड़ गया।

भाई को बचाने की कोशिश में दूसरा मजदूर भी गिरा

धर्मेंद्र को नीचे गिरता देख मनीष ने उन्हें थामने और बचाने का प्रयास किया, लेकिन धर्मेंद्र का वजन अधिक होने के कारण मनीष भी संतुलन खो बैठे और जमीन पर आ गिरे। इस दुर्घटना में धर्मेंद्र के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, मनीष के पैरों में अंदरूनी चोटें आई हैं और एक्स-रे में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।

परिजन ने जताई नाराजगी और लगाए आरोप

मृतक के भाई सुनील कुमार ओझा ने गोदाम मालिक पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा किट या उपकरणों के इतनी अधिक ऊंचाई पर काम करवाया जा रहा था। सुनील का दावा है कि यदि सुरक्षा साधन दिए गए होते तो इस अनहोनी को टाला जा सकता था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि हादसे के बाद गोदाम मालिक सुध लेने मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचे।

इस दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मर्ग कायम कर औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।