शिवपुरी शहर के मेडिकल कॉलेज के पीछे चल रहे शहरी आवास योजना के निर्माण कार्य से जुड़े लगभग 180 श्रमिकों को पिछले डेढ़ महीने से पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। अपनी रुकी हुई मजदूरी की मांग को लेकर सभी मजदूर सोमवार शाम को स्थानीय एक्सिस बैंक की शाखा पहुंचे और वहां विरोध जताया। श्रमिकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उन्हें लगातार भुगतान के नाम पर टाला जा रहा है।
ठेकेदार पर लगा रहे हैं टालमटोल का आरोप
दमोह जिले के निवासी श्रमिक कन्हैया लाल राठौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वे सब ठेकेदार गुलशन जैन के अंतर्गत इस आवासीय कॉलोनी में मेहनत-मजदूरी का काम कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि बीते डेढ़ माह से उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है। जब भी वे ठेकेदार से पैसों की मांग करते हैं, तो आगे से बैंक में राशि ट्रांसफर न होने का हवाला दिया जाता है।
92 लाख रुपए की राशि का भुगतान अटका
प्रोजेक्ट डायरेक्टर रूपेश ठाकुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इन श्रमिकों के पारिश्रमिक के लिए 20 जुलाई को ही बैंक में लगभग 92 लाख रुपए की राशि एनईएफटी के जरिए जमा करा दी गई थी। इसके बावजूद तकनीकी या अन्य प्रशासनिक कारणों से यह रकम अब तक मजदूरों के खातों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सभी 180 मजदूर प्रभावित हैं।
रूपेश ठाकुर के मुताबिक, बैंक प्रबंधन ने पहले यह कहा था कि सीएमओ के हस्ताक्षर से जुड़ी कोई तकनीकी दिक्कत है। इस सिलसिले में बैंक अधिकारियों से बातचीत भी की गई, लेकिन अब तक मामले का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।
हस्ताक्षर अपडेट होने के बाद भी नहीं हुआ निबटारा
दूसरी ओर, सीएमओ यशवंत राठौर का पक्ष है कि बैंक की तरफ से पूर्व में हस्ताक्षर अपडेट न होने की बात कही गई थी, जिसके बाद उन्होंने करीब 10 दिन पहले ही अपने हस्ताक्षर बैंक में अपडेट करवा दिए थे। इसके बावजूद मजदूरों का पैसा उनके खातों में ट्रांसफर नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को वे खुद बैंक शाखा जाकर प्रबंधन से चर्चा करेंगे ताकि इस अवरोध को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज के पीछे कुल 1030 आवासों का निर्माण करने की यह महत्वाकांक्षी योजना लगभग एक दशक पहले शुरू हुई थी। धीमी रफ्तार के कारण आज भी इसमें करीब 350 मकानों का काम अधूरा पड़ा है, और माना जा रहा है कि भुगतान से जुड़ी ऐसी अड़चनें भी इस लेटलतीफी की एक बड़ी वजह हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!