शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले कोलारस रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। स्थिति यह है कि पिछले महीने की 10 तारीख के बाद से यहां स्टेशन परिसर और पटरियों के आसपास झाड़ू तक नहीं लगी है।

यात्रियों को झेलनी पड़ रही है भारी परेशानी

प्लेटफॉर्म से लेकर टिकट काउंटर तक जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। मौजूदा समय में हो रही बारिश के कारण यह कचरा और अधिक सड़ने लगा है, जिससे उठने वाली बदबू से यात्रियों का वहां खड़े होना मुश्किल हो गया है।

इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करते वक्त इसी बदबू और गंदगी के बीच समय बिताना पड़ रहा है। कई बार ट्रेनें लेट होने पर यात्रियों को घंटों तक इन हालातों का सामना करना पड़ता है।

कर्मचारी की मौत के बाद से खाली है पद

कोलारस के स्टेशन प्रबंधक सुरेश कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि 10 अगस्त के बाद से स्टेशन पर सफाई कार्य पूरी तरह बंद है। उन्होंने बताया कि पहले रेलवे का एक अधिकृत कर्मचारी यहां साफ-सफाई का जिम्मा संभालता था, लेकिन उसके निधन के बाद से इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है।

महज पांच हजार रुपये के फंड का रोड़ा

स्टेशन प्रबंधक के अनुसार, रेलवे विभाग की तरफ से साफ-सफाई के लिए केवल 5 हजार रुपये का मासिक फंड आवंटित किया जाता है। इस सीमित राशि में फिनायल, झाड़ू और अन्य सफाई सामग्रियां खरीदना और किसी निजी व्यक्ति को काम पर रखना मुमकिन नहीं है।

महंगाई के इस दौर में इतनी कम मजदूरी पर कोई भी बाहरी व्यक्ति स्टेशन पर सफाई करने के लिए तैयार नहीं होता है, जिसके कारण व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।

उच्च अधिकारियों को दी गई सूचना

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए स्टेशन प्रबंधक सुरेश कुमार ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। स्थानीय यात्रियों और प्रबंधन को उम्मीद है कि उच्च स्तर से जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।