रविवार की शाम श्योपुर शहर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के कथित अपमान पर रोष व्यक्त करना था।

कांग्रेस नेतृत्व पर लगे अनादर के आरोप

भाजपा का आरोप है कि नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा 'वंदे मातरम्' का अपमान किया गया है। इसी घटना से नाराज होकर स्थानीय भाजपा संगठन ने विरोध का यह रास्ता चुना।

शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा मार्च

विरोध स्वरूप निकाला गया यह कैंडल मार्च पुरानी कचहरी परिसर से आरंभ हुआ। इसके बाद यह जुलूस मैन चौराहा और मुख्य बाजार से होते हुए जय स्तंभ चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां थाम रखी थीं और राष्ट्रगौरव के समर्थन में नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि 'वंदे मातरम्' देश की स्वतंत्रता की लड़ाई और राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतीक है। इस प्रकार के गीत के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ करना सीधा देशवासियों की भावनाओं को आहत करने जैसा है।

सार्वजनिक माफी की मांग और प्रमुख उपस्थिति

पार्टी नेताओं ने दोहराया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को इस मामले को लेकर देश की जनता के समक्ष बिना किसी देरी के माफी मांगनी चाहिए। इस आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

कैंडल मार्च में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण के साथ पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, महावीर सिंह सिसोदिया, कैलाश नारायण गुप्ता, राघवेंद्र जाट, यश चौहान और सौरभ भार्गव सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।