श्योपुर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में सोमवार को मूंझरी वृहद सिंचाई परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में क्षेत्र के किसानों के अलावा कई जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निजी भूमि अधिग्रहण और किसानों की चिंताएं
बैठक के दौरान मूंझरी बांध के निर्माण कार्य के सिलसिले में करीब 99 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण का मामला प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान किसानों ने अपनी जमीनों के अधिग्रहण से जुड़ी विभिन्न शंकाओं और चिंताओं को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा।
किसानों की बात सुनते हुए कलेक्टर शीला दाहिमा ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी
इस अवसर पर डीएफओ सामान्य केएस रंधा, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य महावीर सिंह सिसौदिया, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र जाट, जिला महामंत्री संजय अकोदिया और किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष गौरीशंकर मीणा सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रभावित क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे।
स्टेज-2 की स्वीकृति और अहेली नदी पर बांध की योजना
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि अहेली नदी पर बनने वाले मूंझरी बांध के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 22 जुलाई 2026 को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा, परियोजना के दायरे में आने वाली 740.159 हेक्टेयर वन भूमि के लिए स्टेज-1 की सैद्धांतिक मंजूरी 15 अप्रैल 2026 को मिल चुकी है।
वर्तमान में स्टेज-2 की अनुमति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस कागजी प्रक्रिया के पूर्ण होते ही अनुबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा मैदानी स्तर पर बांध के निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
लागत, सिंचाई क्षमता और पेयजल का प्रावधान
यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 414.79 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही है। अहेली नदी पर बांध बनने से श्योपुर जिले की बड़ौदा और कराहल तहसीलों के लगभग 11,575 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सीधा सिंचाई लाभ मिलेगा।
सिंचाई के साथ-साथ इस वृहद योजना में 4.56 मिलियन घन मीटर पानी केवल पेयजल आपूर्ति के लिए आरक्षित रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक इससे करीब एक लाख आबादी को शुद्ध पेयजल सुलभ हो सकेगा, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!