श्योपुर जिले के ढेंगदा स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ गंभीर कदाचार और अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। इस घटना के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कदम उठाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है।
कलेक्ट्रेट पहुंची थीं छात्राएं
इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब सोमवार को आवासीय विद्यालय की पीड़ित छात्राएं अपनी पीड़ा लेकर सीधे कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गईं। छात्राओं ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपकर विद्यालय के शिक्षकों पर गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए।
छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने इस प्रकार की हरकतों की शिकायत पहले ही विद्यालय की प्राचार्य और हॉस्टल अधीक्षिका से कर दी थी। आरोप है कि प्रबंधन से जुड़े इन जिम्मेदार लोगों ने मामले को दबाए रखा और इसकी भनक तक बड़े अधिकारियों को नहीं लगने दी।
जांच टीम की रिपोर्ट के बाद निलंबन
प्रकरण की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर शीला दाहिमा ने तुरंत चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर दिया था। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने फौरन एक्शन लिया और शिक्षक वर्ग-2 पंकज मथुरिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, मामले में लिप्त अतिथि शिक्षक कल्याण सिंह जाटव को तीन दिनों के भीतर सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी किया गया है।
प्राचार्य और अधीक्षिका को नोटिस, संगठनों का विरोध
शिकायत को दबाने और उच्चाधिकारियों को अंधेरे में रखने के मामले में प्राचार्य कामिनी पाठक और हॉस्टल अधीक्षिका संतोष गौतम की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। प्रशासन ने दोनों से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
उधर, इस घटना के विरोध में और पीड़ित छात्राओं के समर्थन में विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि तथा एनएसयूआई कार्यकर्ता मंगलवार को बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए सभी दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!