संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में श्योपुर जिले में गुरुवार को 'श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य उनके जीवन-दर्शन, समानता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के विचारों को जन-जन तक प्रसारित करना है।
रामतलाई हनुमान मंदिर से हुई कलश यात्रा की शुरुआत
इस धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे श्री रामतलाई हनुमान मंदिर से कलश यात्रा निकालकर की गई। यात्रा मुख्य बाजार, गणेश बाजार और पुल दरवाजा जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वार्ड क्रमांक 20 स्थित रैदास आश्रम में जाकर संपन्न हुई। यात्रा के प्रारंभ होने से पहले संत रविदास महाराज के चित्र के समक्ष आरती और कलश पूजन किया गया, जिसके बाद अतिथियों ने कलश उठाकर यात्रा को आगे बढ़ाया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया।
आयोजित इस कलश यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान कलेक्टर शीला दाहिमा, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान, और भाजपा नेता महावीर सिंह सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
संत रविदास के विचारों और जीवन पर प्रकाश
रैदास आश्रम पहुंचने के उपरांत एक मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने संत रविदास के जीवन और उनके महान विचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज को जाति-पाति के बंधन और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और भाईचारे की भावना के साथ जीने की प्रेरणा दी है, जो आज के समय में भी प्रासंगिक है।
कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग ने भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि संत रविदास 15वीं और 16वीं शताब्दी के एक महान संत, प्रख्यात समाज सुधारक और भक्त कवि थे। उन्होंने अपनी रचनाओं और बानियों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव का कड़ा विरोध किया तथा यह संदेश दिया कि मनुष्य की असली पहचान उसके कर्म और उसकी मानवता से तय होती है।
10 सितंबर को होगा यात्रा का समापन
संत शिरोमणि रविदास की जयंती के अवसर पर जिले में आगामी 10 सितंबर तक विभिन्न निर्धारित मार्गों पर कलश रथ यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके तहत श्योपुर विकासखंड में 20 से 27 अगस्त तक, विजयपुर विकासखंड में 28 अगस्त से 5 सितंबर तक तथा कराहल विकासखंड में 6 से 9 सितंबर तक यात्रा का आयोजन तय किया गया है। इन सभी आयोजनों के बाद 10 सितंबर को श्योपुर नगर में इस यात्रा का समापन किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!