अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हुआ जानलेवा हमला

श्योपुर जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत खाड़ी रेंज की श्यामपुर बीट के मोरेका गांव में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने के दौरान बड़ा विवाद हो गया। वन विभाग की टीम जब लगभग पांच हेक्टेयर वन भूमि पर की गई घेराबंदी को हटाने पहुंची, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों के आक्रामक रुख के कारण प्रशासनिक अमले को बिना कार्रवाई के ही मौके से वापस लौटना पड़ा।

पथराव से सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, तीन वनकर्मी जख्मी

बुधवार को दोपहर करीब दो बजे वन अमले ने कार्रवाई शुरू की ही थी कि सौ से ज्यादा ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर वहां जमा हो गए। तीखी बहस के बाद भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। हमले में श्योपुर एसडीओ धीरेंद्र सिंह की गाड़ी के शीशे टूट गए और अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इस दौरान तीन वनकर्मियों को भी चोटें आईं।

वीडियो में कैद हुई खदेड़ने की घटना और पहले भी हो चुका है विरोध

घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें ग्रामीण हाथों में डंडे थामे वन विभाग के अमले को खदेड़ते हुए नजर आ रहे हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए टीम को अपनी जान बचाकर वापस आना पड़ा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 25 जून 2025 को भी इसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के प्रयास का कड़ा विरोध हुआ था, तब भी अमले को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा था।

पुलिस ने नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला

बीट गार्ड सुनील बसेड़िया की शिकायत के आधार पर रघुनाथपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी शशि ताेमर ने जानकारी दी कि टर्राकलां निवासी खेमराज आदिवासी और हरि आदिवासी सहित अन्य अज्ञात ग्रामीणों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।