श्योपुर के शासकीय अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक पुराना बालक छात्रावास के विद्यार्थियों का सब्र मंगलवार की रात जवाब दे गया। व्यवस्थाओं से आजिज़ आकर छात्र सीधे कलेक्टर के बंगले पर जा पहुंचे और वहां अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
बचा हुआ आटा इस्तेमाल करने और बीस दिन से पानी नहीं मिलने का गंभीर आरोप
छात्रों ने बातचीत के दौरान मेस संचालन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि रसोई में लापरवाही बरती जा रही है और शाम के वक्त बचा हुआ आटा अगले दिन सुबह रोटियां बनाने के काम में लाया जाता है। कई बार मौखिक रूप से कहने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
इसके अलावा पीने के पानी को लेकर भी छात्रों ने भारी असंतोष जताया। युवाओं का कहना है कि पिछले बीस दिनों से परिसर में पानी की आपूर्ति ठप है, जिसके कारण उन्हें अपनी प्याس बुझाने के लिए पड़ोस के दूसरे हॉस्टल से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
बरसात में टपकती छत और फोन न उठाने का भी मामला
कमरों की खस्ताहाली का जिक्र करते हुए छात्रों ने बताया कि इस मानसूनी मौसम में भवन की छत से लगातार पानी टपकता है। बारिश के बीच कमरों में रहना मुहाल हो गया है, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
हॉस्टल के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए छात्रों ने आरोप लगाया कि अधीक्षक उनकी परेशानियों को नजरअंदाज करते हैं। दिक्कत आने पर जब उन्हें फोन किया जाता है, तो अक्सर फोन उठाया नहीं जाता है।
सहायक संचालक के आश्वासन के बाद लौटे छात्र
कलेक्टर बंगले पर पहुंचे छात्रों को मौके पर सहायक संचालक राकेश गुप्ता द्वारा उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इस आश्वासन के बाद छात्र शांत होकर वापस लौटे, और अब उन्हें प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!