श्योपुर जिले में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की स्टेशन रोड शाखा से जुड़े गोल्ड लोन के जेवर गायब होने के हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बबीता होरा शर्मा की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले से आरोपियों को बड़ी राहत मिली है।

तिजोरी की चाबी खोने और ताला बदलने से खुला था राज

अदालत में पेश किए गए बयानों के अनुसार, तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद कुमार लखनपाल ने बताया था कि कैश इंचार्ज राजीव पालीवाल ने 23 अप्रैल 2020 को बैंक की तिजोरी की चाबी गुम होने की लिखित सूचना दी थी। इसके बाद लॉकडाउन की पाबंदियां हटने पर सेफ कंपनी के इंजीनियर 9 जून 2020 को बैंक पहुंचे और ताला बदला गया।

ताला बदलने के बाद जब बैंक अधिकारियों ने गोल्ड लोन के पैकेटों की गिनती की, तो भारी गड़बड़ी सामने आई। शुरुआती जांच में 90 से अधिक पैकेट कम मिलने पर हड़कंप मच गया। अगले दिन यानी 10 जून को हुई गहन जांच में कुल 214 पैकेटों में से 101 पैकेट गायब पाए गए, जिसके आधार पर 11 जून 2020 को कोतवाली थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

बैंक की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने शाखा प्रबंधक की गवाही का हवाला देते हुए बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि बैंक परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने और हर तीन महीने में गोल्ड सेफ की अनिवार्य जांच का नियम होने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर पैकेट गायब होने की भनक किसी को नहीं लगी। गवाही में यह भी सामने आया कि प्रबंधक ने आखिरी बार अगस्त 2019 में सेफ की जांच की थी।

चारों आरोपियों को राहत, मृतक आरोपी के जेवर राजसात

अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ चोरी या गबन के आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा है। इस मामले के एक अन्य आरोपी बैंककर्मी राजीव पालीवाल की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है, जिन्हें कोर्ट रिकॉर्ड में मृत घोषित किया जा चुका है।

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने आदेश दिया कि अपील की अवधि समाप्त होने के बाद नवीन गुप्ता, शालिनी गुप्ता, ज्योति गर्ग और रमेशचंद जादौन से जांच के दौरान जब्त किए गए आभूषण उन्हें वापस लौटा दिए जाएं। वहीं, मृतक आरोपी राजीव पालीवाल से जब्त किए गए जेवर पर किसी का दावा न होने के कारण उन्हें सरकार के पक्ष में राजसात करने के निर्देश दिए गए हैं।