श्योपुर जिले में किसानों और मुझरी बांध संघर्ष समिति के सदस्यों ने बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान किसानों ने चार दशक पुरानी इस सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराने और स्टेज-2 की अड़चनों को दूर करने की पुरजोर मांग उठाई।

वर्ष 2018 में मिली थी स्वीकृति, 2022 में हुआ था शिलान्यास

किसानों ने अपनी बात रखते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना लगभग चालीस वर्षों से लंबित चली आ रही है। हालांकि वर्ष 2018 में इस परियोजना के लिए करीब 415 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, जिससे अंचल के अन्नदाताओं में उम्मीद जगी थी। इसके बाद वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका शिलान्यास भी किया था, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका।

हजारों हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, दो सौ गांवों को मिलेगा पानी

प्रस्तावित योजना के पूरा होने से क्षेत्र की लगभग 11,575 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही करीब 200 गांवों के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिल सकेगी। परियोजना के रास्ते में आ रही वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों को लेकर अब कुछ सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है, जिसके तहत लगभग 740.159 हेक्टेयर वन भूमि के प्रभावित होने की बात सामने आई है।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों ने मांग की है कि प्रशासनिक स्तर पर स्टेज-2 की अनुमति से जुड़ी कागजी कार्रवाई को बिना किसी और विलंब के पूरा किया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य के प्रारंभ होने की एक निश्चित समय-सीमा तय करते हुए किसानों को इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए।

आंदोलन की चेतावनी और पारदर्शी कार्यप्रणाली की मांग

समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी प्रशासन विरोधी मंशा से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार के तहत अपनी वर्षों पुरानी मांग को सामने रखने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो किसान शांतिपूर्ण और चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।