श्योपुर में नगरपालिका परिषद की साधारण सभा की बैठक हंगामेदार माहौल में संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान शहर के कई अहम विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें से कुछ प्रस्तावों को लेकर पार्षदों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

नेता प्रतिपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

नगरपालिका सभागार में शुक्रवार दोपहर 3 बजे बुलाई गई इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष सलाउद्दीन ने कई मुद्दों पर अपनी असहमति जताई। उन्होंने मुख्य रूप से अग्रसेन मार्केट के नामकरण और वहां अग्रसेन जी की मूर्ति स्थापित करने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की।

इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने जनता पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का हवाला देते हुए संपत्तिकर, समेकितकर, जलकर और अन्य विविध करों की दरों में की जा रही बढ़ोतरी का भी पुरजोर विरोध किया। इन दोनों ही बिंदुओं पर सदन के भीतर लंबी चर्चा और बहस हुई।

विभिन्न विकास प्रस्तावों पर भी हुई चर्चा

तमाम आपत्तियों और विरोध के स्वरों के बावजूद बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी सदन के पटल पर रखा गया। इनमें यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय का निर्माण, महिला पिंक शौचालय बनवाना, और नालों के इंटरसेप्शन एवं डायवर्सन के साथ एसटीपी की डीपीआर तैयार करना शामिल था।

बैठक के दौरान परशुराम चौराहे पर परशुराम शस्त्र एवं स्तंभ का निर्माण, स्टेडियम के बाहर दुकानें बनाना, विभिन्न स्थानों पर पार्किंग विकसित करना और नए बस स्टैंड परिसर में बनी दुकानों की नीलामी करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों को मिली मंजूरी

सड़क और बाजार से जुड़े विकास कार्यों में मछली मार्केट का निर्माण, जतीघाट व कर्बला घाट का सौंदर्यीकरण, नाला-पुलिया निर्माण तथा शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण के प्रस्ताव भी शामिल रहे। सदन में मौजूद पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास से जुड़े सुझाव रखे।

तमाम विरोध के बीच नगरपालिका अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) नरेंद्र जाटव की मौजूदगी में अंततः सभी निर्धारित एजेंडों को पारित कर दिया गया।