श्योपुर जिले के जावदेश्वर गांव के निवासियों ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने पहले भजन-कीर्तन का आयोजन किया और उसके बाद कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर मंदिर की जमीन से होने वाली आय के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग की।

मंदिर की भूमि और आय के दुरुपयोग का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि प्राचीन श्री रघुनाथ जी महाराज एवं गुरु महाराज मंदिर से संबंधित लगभग 67 बीघा (14.0670 हेक्टेयर) कृषि भूमि की आय का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर के नाम पर यह विशाल भूमि दर्ज है, लेकिन इसकी आय का लाभ मंदिर के विकास और रखरखाव में नहीं मिल रहा।

ग्रामीणों ने विशेष रूप से मंदिर के पुजारी सोनू शर्मा पर आरोप लगाया है। उनके अनुसार, पुजारी मंदिर की कृषि भूमि से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग मंदिर के कार्यों के बजाय अपने निजी खर्चों के लिए कर रहे हैं, जिससे मंदिर का उचित रखरखाव और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन की निगरानी में नीलामी और आय के सदुपयोग की मांग

ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025-26 के लिए मंदिर की भूमि की नीलामी तहसीलदार के आदेश के बावजूद नियमानुसार नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और इससे मंदिर को मिलने वाली आय पर भी असर पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिर की कृषि भूमि की नीलामी प्रशासन की सीधी निगरानी में कराई जाए। साथ ही, नीलामी से प्राप्त होने वाली समस्त आय को केवल मंदिर के विकास कार्यों, रखरखाव और धार्मिक गतिविधियों पर ही खर्च किया जाए, ताकि मंदिर की गरिमा बनी रहे।

इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच रामराज, उपसरपंच गिर्राज मीणा सहित बड़ी संख्या में जावदेश्वर गांव के ग्रामीण उपस्थित थे। उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की अपील की है।