मुरैना जिले के अंबाह विकासखंड के जोहा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर एक युवक द्वारा शुरू की गई अनोखी दंडवत यात्रा बुधवार को समाप्त हो गई। गांव के नवनीत सिंह तोमर ने सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के घर और कार्यालय तक दंडवत परिक्रमा करते हुए जाने का संकल्प लिया था, लेकिन लगभग 10 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद उन्हें आश्वासन मिला और उन्होंने अपना प्रदर्शन रोक दिया।
सड़क की बदहाली और अनोखा विरोध
नवनीत सिंह तोमर ने बुधवार सुबह अपने गांव से सांसद कार्यालय के लिए दंडवत यात्रा शुरू की थी। गांव से सांसद कार्यालय की कुल दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। कीचड़ भरे रास्ते में करीब 10 किलोमीटर की यात्रा तय करने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे। युवक का आरोप था कि लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद ने गांव में पक्की सड़क बनवाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है।
जोहा गांव की सड़क वर्षों से बदहाल है और बारिश शुरू होते ही यह रास्ता कीचड़ तथा दलदल में बदल जाता है। इससे ग्रामीणों, किसानों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पिछले तीन दिनों से गांव के बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे थे। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।
सांसद का आश्वासन और आंदोलन का अंत
सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने युवक नवनीत सिंह तोमर को आश्वासन दिया कि गांव की सड़क का निर्माण कार्य आठ दिन के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार सुबह तक मशीनें और निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचा दी जाएंगी। इस आश्वासन के बाद नवनीत सिंह तोमर ने पानी पीकर अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। उन्होंने पहले घोषणा की थी कि सड़क निर्माण शुरू होने तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे।
हालांकि, प्रदर्शन समाप्त करने से पहले नवनीत ने एक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि आठ दिन के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो वह नदी में कूदकर अपनी जान दे देंगे। यह चेतावनी गांव में सड़क की समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।
जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप
जोहा गांव दिमनी विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर विधायक हैं। वहीं, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर भी इसी इलाके के निवासी हैं। ऐसे में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अक्सर भुला दिए जाते हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!