सबलगढ़ नगर में सोमवार दोपहर खाद के कूपन लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ जेबकतरे किसानों की जेब साफ कर रहे थे। स्थानीय लोगों और किसानों की सतर्कता से एक नाबालिग जेबकतरे को पकड़ा जा सका, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि, उसके तीन साथी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से भागने में सफल रहे।

किसानों की जेब से उड़ाए हजारों रुपये

यह घटना एमपी ऑनलाइन सेंटर और कृषि उपज मंडी के पास हुई, जहाँ खाद की खरीद के लिए बड़ी संख्या में किसान जमा थे। जेबकतरों के गिरोह ने इसी भीड़ का लाभ उठाते हुए किसानों के पैसे चुराने की कोशिश की। पीड़ित किसानों के अनुसार, गिरोह ने करीब चार-पांच किसानों के साथ ठगी की। सौरभ पुत्र जगदीश रजक ने बताया कि उसके जेब से 13,000 रुपये चोरी हो गए थे, जो उसने अपनी माँ से खाद खरीदने के लिए लिए थे। उसने और अन्य पीड़ित किसानों ने मिलकर आरोपी को दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपी की उम्र लगभग 16-17 वर्ष बताई जा रही है और वह भरतपुर का रहने वाला है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है और उसके परिजन भी थाने पहुंच गए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी मदन मोहन शर्मा ने दावा किया कि यही युवक एक महीने पहले एक शादी समारोह में चेन चोरी करते हुए सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दिया था।

नाबालिग अपराधियों पर कार्रवाई की चुनौती

सबलगढ़ में यह समस्या नई नहीं है। बाहर से मजदूरी करने आने वाले कुछ लोगों के बच्चे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जेब काटने वाले गिरोहों के रूप में सक्रिय हो गए हैं। थाना प्रभारी पंकज मुद्गल ने बताया कि नगर में अधिकांश स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जिससे अपराधियों की पहचान मुश्किल हो जाती है। इसके अलावा, थाने में पुलिस बल की कमी भी एक बड़ी समस्या है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ज्यादातर जेबकतरे नाबालिग होते हैं। कानून के अनुसार, नाबालिग अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूतों के अभाव में कड़ी कार्रवाई करना संभव नहीं हो पाता, जिसके चलते वे आसानी से छूट जाते हैं। इस कारण जनता को अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं ही सतर्क रहना पड़ रहा है।