अंचल के मुरैना जिले में बुधवार की सुबह से ही बादलों ने मेहरबानी बरसाते हुए तेज बारिश का सिलसिला शुरू कर दिया। पिछले कई दिनों से आसमान में छाए रहने वाले बादलों के बिना बरसे लौट जाने से लोग उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान थे। सुबह हुई इस झमाझम बरसात ने तापमान में गिरावट ला दी और जनजीवन को ठंडक का अहसास कराया।

सीजन के कोटे से अभी भी पीछे है मानसूनी आंकड़ा

भले ही आज की बारिश ने राहत दी हो, लेकिन इस बार जिले में मानसून की चाल सुस्त ही रही है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1 जून से 24 अगस्त के बीच मुरैना में मात्र 358.3 मिलीमीटर औसत बारिश ही दर्ज की गई है। पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है, हालांकि आज हुई इस अच्छी बारिश से कुल आंकड़ों में कुछ सुधार होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

खेतों में लहलहाती फसलों को मिली संजीवनी

यह मानसूनी बौछारें अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई हैं। इस दौरान जिले के खेतों में बाजरा और मूंग जैसी महत्वपूर्ण सीजनल फसलें खड़ी हुई हैं। पर्याप्त पानी न मिलने के कारण किसान अपनी फसलों के सूखने की चिंता में डूबे हुए थे, लेकिन बुधवार को हुई इस व्यापक वर्षा से फसलों को जरूरी नमी और जीवनदान मिल गया है।

गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहने के आसार

मौसम वैज्ञानिक हरविन्द्र सिंह तोमर ने स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को जिलेभर में अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है। मौसम का यह रुख आगामी गुरुवार को भी बना रह सकता है। यदि अगले एक-दो दिन ऐसी ही मानसूनी गतिविधियां जारी रहीं, तो जिले में बारिश की मौजूदा कमी की भरपाई कुछ हद तक जरूर हो जाएगी।

स्थानीय लोगों और किसानों का मानना है कि यदि बारिश का यह दौर कुछ और दिन खिंचता है, तो सूखे जैसे हालात से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। फिलहाल मुरैना में बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहावना हो चुका है और हर तरफ ठंडक महसूस की जा रही है।