मुरैना जिले के सबलगढ़ अंतर्गत कैलारस शक्कर कारखाना परिसर में शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन और आमरण अनशन की शुरुआत कर दी गई है। यह पूरा विवाद प्रदेश सरकार द्वारा शक्कर मिल कीमती भूमि को एमएसएमई (MSME) विभाग को ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया के विरोध में गरमाया हुआ है।
स्वतंत्रता दिवस पर विधायक बैठे अनशन पर
यह आंदोलन 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू हुआ। इस दौरान जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा संभालते हुए आमरण अनशन आरंभ कर दिया। स्थानीय किसानों का कड़ा आरोप है कि करोड़ों रुपए मूल्य की इस जमीन को स्थानीय किसानों और क्षेत्र की जनता की सहमति के बगैर ही एमएसएमई को सौंपा जा रहा है।
सरकार पर वादे से मुकरने का लगाया आरोप
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना द्वारा पहले यहां शक्कर कारखाना दोबारा संचालित करने की सहमति प्रदान की गई थी। किसानों का पक्ष है कि सरकार अब अपने पुराने वादों से पीछे हट रही है, जिसे क्षेत्र के साथ विश्वासघात माना जा रहा है।
इस विरोध के तहत शनिवार दोपहर 2 बजे शक्कर कारखाना कैलारस प्रांगण में एक व्यापक आमसभा का आयोजन किया गया। सभा में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित रहे।
कई दिग्गज नेता हुए शामिल और क्रमिक भूख हड़ताल जारी
आमसभा को पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्रा, प्रदेश किसान सभा अध्यक्ष अशोक तिवारी, माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह, सांसद अशोक सिंह, मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर, किसान सभा महासचिव अखिलेश यादव, अंबाह विधायक देवेंद्र सखवार सहित कई स्थानीय नेताओं ने संबोधित किया और सरकार के इस कदम की आलोचना की।
इस मौके पर भारी संख्या में किसान कार्यकर्ताओं ने क्रमिक भूख हड़ताल का रुख भी अपनाया। संघर्ष समिति की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि जब तक यह ट्रांसफर प्रक्रिया रद्द नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!