मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में खेत की मेड़ उखाड़ने को लेकर उपजे विवाद और उसके बाद हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। स्थानीय पुलिस ने इस गंभीर मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई के साथ ही इस प्रकरण में अब तक कुल चार वांछितों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

मेड़ हटाने की बात पर शुरू हुआ था खूनी विवाद

यह पूरी घटना गत 15 जुलाई की रात की है, जिसकी शिकायत फरियादी गिर्राज शर्मा ने 16 जुलाई को सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, वह रात करीब 10 बजे हरीसिंह राठौर और संदीप परमार के घर गया था और खेत की मेड़ उखाड़े जाने को लेकर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गई।

शिकायत में बताया गया कि विवाद के दौरान हरीसिंह राठौर, संदीप परमार, मंदीप परमार, मुन्ना राठौर, सतीश राठौर और राज राठौर ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी सभी लोगों को खेत पर चलकर मामले का निपटारा करने के बहाने बाहर ले गए।

खेत पर पहुंचते ही आरोपियों ने झोंक दी गोलियां

फरियादी की रिपोर्ट के अनुसार, जब दोनों पक्ष खेत पर पहुंचे तो तनाव और अधिक बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान मुन्ना लाल राठौर और संदीप परमार ने अपनी बंदूकों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 309/26 दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद कई आरोपी फरार चल रहे थे। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार उनकी धरपकड़ के प्रयास कर रही थी। इसी कड़ी में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदीप पुत्र देवेंद्र परमार और मंदीप पुत्र देवेंद्र परमार को दबोच लिया।

हथियार बरामद कर जोड़ी गई आर्म्स एक्ट की धाराएं

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार की तलाश की। पुलिस ने आरोपी संदीप परमार के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 315 बोर की एक सिंगल शॉट बंदूक और एक जिंदा कारतूस बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार जब्त किए गए हथियार की कीमत करीब 60 हजार रुपए आंकी गई है। अवैध हथियार की बरामदगी के आधार पर पुलिस ने इस आपराधिक मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 का भी इजाफा कर दिया है, और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।