अंचल में चंबल नदी के घाटों से अवैध रेत के उत्खनन, उसके परिवहन और अवैध भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के वास्ते पुलिस महकमा अब और अधिक एक्शन मोड में आ गया है। इस गैरकानूनी गतिविधि को रोकने के लिए रात्रि गश्त और चौकसी को काफी बढ़ा दिया गया है।
आधी रात को अचानक नाकों पर पहुंचे एसपी
इसी रणनीति के तहत पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने बीती रात जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित किए गए स्थायी और अस्थायी चेकपोस्ट्स का औचक जायजा लिया। इस दौरान वे सीधे मैदानी अमले के बीच पहुंचे और जमीनी हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान एसपी ने मृगपुरा, महचंदपुर चौराहा, मैथाना और सराय का पुरा गार्ड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुरक्षा नाकों का रुख किया। वहां उन्होंने तैनात पुलिस बल से रात्रिकालीन चेकिंग और आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी के तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी ली।
संवेदनशील मार्गों और घाटों पर पैनी नजर
दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बल को निर्देश दिए कि वे चंबल के घाटों से रेत ढोने वाले संभावित रास्तों पर अपनी निगाहें एकदम तीखी रखें। संदिग्ध नजर आने वाले हर एक वाहन की सघन और बारीकी से जांच की जाए ताकि कोई चूक न हो सके।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कहीं से भी अवैध रेत के परिवहन की सूचना मिलती है, तो दूसरे संबंधित विभागों के साथ समन्वय बिठाकर तुरंत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
पेट्रोलिंग बढ़ाने और आपसी समन्वय के निर्देश
संवेदनशील क्षेत्रों तथा रेत परिवहन के मुख्य मार्गों पर निरंतर पेट्रोलिंग करने की हिदायत भी दी गई है। एसपी ने बल को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर औचक चेकिंग अभियान चलाएं ताकि अपराधियों में खौफ रहे और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।
चेकपोस्ट्स पर मुस्तैद जवानों से कहा गया है कि वे रात के वक्त पूरी तरह चौकस रहें और एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करें। किसी भी तरह की संदिग्ध हरकत या अवैध रेत उत्खनन की भनक लगते ही इसकी सूचना फौरन वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!