मुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक गंभीर समस्या सामने आई है। यहां पिछले 20 महीनों से एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो सका है, जिसके चलते प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टर का पद रिक्त होने से बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली चल रहा है। पूर्व में पदस्थ डॉक्टर नेहा राजोरिया का दो माह पूर्व निलंबन के बाद अन्यत्र स्थानांतरण हो गया था। तब से लेकर अब तक इस महत्वपूर्ण पद पर किसी नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई है, जिससे शल्यक्रिया सेवाएं पूरी तरह ठप हैं।
वर्तमान स्थिति यह है कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना चार सौ से अधिक महिला मरीज पहुंचती हैं और प्रतिदिन करीब साठ महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यहां सालाना लगभग पांच हजार प्रसव होते हैं, लेकिन विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी के चलते हर महीने पंद्रह से अधिक गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए बाहर भेजना पड़ रहा है।
एक ही ऑपरेशन थिएटर होने से भी आ रही बाधा
चिकित्सालय में एलटीटी यानी परिवार नियोजन और सिजेरियन प्रसव के लिए केवल एक ही ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध है। इस व्यवस्था के कारण अलग से ओटी तैयार करने की मांग काफी समय से उठती रही है। लगभग दो साल पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के समक्ष यह विषय रखा गया था और अलग ओटी बनाने का भरोसा भी मिला था, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।
फिलहाल महिला चिकित्सक डॉ. रेखा गोयल पर ओपीडी में मरीजों को देखने और अल्ट्रासाउंड करने का अतिरिक्त कार्यभार है, जिससे वे अकेले पूरे दबाव को संभाल रही हैं।
शासन को लिखा गया पत्र, डॉक्टर मिलने का इंतजार
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। पूर्व पार्षद नेकराम रजक का कहना है कि महिला डॉक्टर का पद रिक्त होने से आम जनता को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
वहीं, सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. रेवानंद बी. मोहन शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। नया चिकित्सक मिलने के बाद ही यहां सिजेरियन ऑपरेशन दोबारा शुरू हो सकेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!