अंबाह तहसील के सेंथरा बाढई गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक किसान की सरकारी पट्टे पर आवंटित जमीन पर कुछ दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया। जब किसान ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। यह घटना मुरैना जिले में स्थानीय प्रशासन के सामने एक चुनौती पेश करती है।
सरकारी पट्टे की जमीन पर जबरन जुताई
बनवरिया गांव के निवासी रामरतन, जो रामसिंह के पुत्र हैं, उन्हें शासन द्वारा सेंथरा बाढई गांव में कुल 0.6000 हेक्टेयर भूमि का पट्टा दिया गया था। यह जमीन सर्वे नंबर 1011, 1012 और 1031 के अंतर्गत आती है। रामरतन का आरोप है कि सेंथरा बाढई गांव के ही निवासी रामवीर ने उनकी इस पट्टे वाली जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया।
पीड़ित किसान के अनुसार, आरोपी रामवीर ने लाठी के बल पर उनकी आवंटित भूमि पर जबरन हल चला दिया और उस पर बुवाई कर दी, जिससे किसान अपनी ही जमीन पर खेती करने के अधिकार से वंचित हो गया।
विरोध करने पर किसान से मारपीट और गाली-गलौज
रामरतन ने पुलिस को बताया कि जब उन्हें अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और रामवीर को जमीन जोतने से रोकने का प्रयास किया। इस पर आरोपी रामवीर भड़क गया और उसने रामरतन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब रामरतन ने विरोध जारी रखा, तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट भी की।
पीड़ित किसान का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उनकी जाति को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें मानसिक और भावनात्मक ठेस पहुंची।
अंबाह थाने में शिकायत दर्ज, न्याय की मांग
इस घटना के बाद भयभीत रामरतन ने अंबाह थाने पहुंचकर आरोपी रामवीर के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से अपनी पट्टे की जमीन वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
अंबाह पुलिस ने पीड़ित किसान को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच के तथ्यों के आधार पर जल्द ही उचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!