ग्वालियर-चंबल अंचल में त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही खाद्य सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में मुरैना जिले में प्रशासन ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत बाजारों की दुकानों पर औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर गठित की गई थीं टीमें

यह कार्रवाई जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। उनके स्पष्ट निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग, स्थानीय पुलिस और राजस्व महकमे के अधिकारियों को मिलाकर दो संयुक्त दलों का गठन किया गया था, जिन्होंने शहर के प्रमुख इलाकों में पहुंचकर जांच-पड़ताल की।

सिहोनिया क्षेत्र की दुकानों पर हुई जांच

बुधवार को अभियान के दौरान पहली टीम ने सिहोनिया इलाके का रुख किया। यहां ककनमठ मिष्ठान भंडार से समोसा और रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना सील किया गया। इसके अलावा, इसी क्षेत्र में स्थित दाऊजी मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी व बेसन के लड्डू तथा राधिका मिष्ठान भंडार से बेसन बूंदी के सैंपल गुणवत्ता परीक्षण के लिए उठाए गए।

बैरियर चौराहे पर भी की गई सघन पड़ताल

कार्रवाई के दौरान दूसरी टीम ने व्यस्त बैरियर चौराहा क्षेत्र की दुकानों को खंगाला। इस दल ने गोवर्धन मिष्ठान भंडार से जलेबी और बेसन के लड्डू, सवारियां सेठ मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी, तथा चित्रकूट मिष्ठान भंडार से सोन पपड़ी और गुजिया के नमूने एकत्रित किए।

इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल परिहार ने बताया कि पर्व के समय आम जनता को मिलावट मुक्त एवं शुद्ध खाद्य सामग्री मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के पश्चात खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगामी कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।