मुरैना जिले के सबलगढ़ कस्बे में पिछले लगभग दो माह से अपनी दुकान लगाने के लिए जगह की तलाश में भटक रहे 55 सब्जी विक्रेताओं को जल्द ही राहत मिलने वाली है। इन विस्थापित व्यापारियों की आजीविका के संकट को देखते हुए, अतिरिक्त कलेक्टर (एडीएम) अश्विनी रावत ने शनिवार को नगर के कई स्थानों का दौरा किया, ताकि उनके लिए उपयुक्त जगह का चयन किया जा सके।

अतिक्रमण हटाओ अभियान और विस्थापन

जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) मेघा तिवारी के नेतृत्व में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत, मंडी संतर नंबर 4 और 5 के बीच स्थित कृषि उपज मंडी की भूमि से इन सब्जी विक्रेताओं को हटाया गया था। उस समय प्रशासन ने उन्हें कृषि उपज मंडी परिसर के भीतर ही दुकानें लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन किसी कारणवश वे वहां अपनी दुकानें स्थापित नहीं कर पाए। इसके परिणामस्वरूप, पिछले दो महीनों से इन छोटे व्यापारियों के सामने अपने परिवार का भरण-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।

एडीएम ने किया स्थलों का मुआयना

जिला कलेक्टर को मिली शिकायतों और भाजपा नेता सौरभ सिकरवार के विशेष आग्रह के बाद, एडीएम अश्विनी रावत शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे सबलगढ़ पहुंचे। उन्होंने एसडीएम मेघा तिवारी और राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर विस्थापित सब्जी विक्रेताओं को बसाने के लिए कई संभावित जमीनों का गहन मुआयना किया।

निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी और पुरानी सब्जी मंडी स्थल, मच्छी मार्केट के पास और नगर पालिका दुकानों के पीछे की जमीन, चौपाटी स्थल और कलंगी हनुमान मंदिर रेलवे क्रॉसिंग के पास की जगहों का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इन सभी स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि 55 सब्जी विक्रेताओं के लिए सबसे उपयुक्त और सुविधाजनक स्थान का चयन किया जा सके।

एडीएम अश्विनी रावत ने आश्वासन दिया है कि इन सभी विकल्पों में से जो भी जगह सबसे उपयुक्त होगी, वहां जल्द ही इन 55 सब्जी दुकानदारों को व्यवस्थित कर उन्हें रोजगार के लिए स्थायी जगह उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे उनकी आजीविका का संकट समाप्त होगा और वे पुनः अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

स्थलों के निरीक्षण के उपरांत, अतिरिक्त कलेक्टर अश्विनी रावत ने एसडीएम कार्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर एसडीएम मेघा तिवारी सहित राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने नीम, पीपल, आम और नींबू जैसे विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे।