मुरैना जिले में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला है। रविवार की रात से ही जिले में रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो सोमवार सुबह तक लगातार जारी रहा। सावन और भादों के इस दौर में हो रही इस हल्की बारिश से पिछले कुछ दिनों से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी हद तक सुकून मिला है।
पिछले साल के मुकाबले मानसून की चाल धीमी
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश का ग्राफ सामान्य से काफी नीचे चल रहा है। एक जून से लेकर 23 अगस्त तक पूरे जिले में महज 330.3 मिलीमीटर औसत बारिश ही दर्ज की गई है। जबकि बीते वर्ष इसी अवधि के दौरान जिले में 779.2 मिलीमीटर पानी बरस चुका था।
तुलना करें तो पिछले साल की तुलना में इस बार अब तक 448.9 मिलीमीटर कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। बता दें कि जिले की कुल औसत वार्षिक बारिश का पैमाना 706.9 मिलीमीटर है। केवल 23 अगस्त को ही जिलेभर में औसतन 8.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
तहसीलवार बारिश के आंकड़े: कैलारस आगे, पोरसा रहा सूखा
बीते रविवार को हुई बारिश का क्षेत्रवार वितरण अलग-अलग रहा। 23 अगस्त को कैलारस तहसील में सबसे अधिक 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मुरैना में 17 मिमी, जौरा में 11 मिमी, सबलगढ़ में 5 मिमी और अंबाह में 2.5 मिलीमीटर पानी बरसा, जबकि पोरसा इलाके में इस दौरान बिल्कुल भी बारिश दर्ज नहीं की गई।
सीजन की स्थिति: जौरा में सर्वाधिक पानी, अंबाह में सबसे कम
अगर पूरे सीजन यानी एक जून से 23 अगस्त तक की तहसीलों की स्थिति देखें, तो जौरा में सबसे ज्यादा 466 मिलीमीटर बारिश आंकी गई है। वहीं दूसरी ओर, अंबाह तहसील इस मामले में सबसे पीछे रही है, जहां सीजन में अब तक मात्र 142.6 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई है।
इसी तरह अन्य क्षेत्रों की बात करें तो सीजन के दौरान कैलारस में 386 मिमी, सबलगढ़ में 355.5 मिमी, मुरैना में 317.4 मिमी और पोरसा में 314.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। कुल मिलाकर इस बार मानसून की बेरुखी से जिले में सामान्य वार्षिक कोटे के मुकाबले करीब 376.6 मिलीमीटर बारिश की कमी बनी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!