अंबाह तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के निवासियों ने स्थानीय प्रशासन के समक्ष अपनी दो प्रमुख समस्याएं रखी हैं। खड़ियाबेहड़ और भडोली ग्राम पंचायत के गुलाब का पुरा गांव के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को एक लिखित आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पट्टे की भूमि कंप्यूटर रिकॉर्ड में दर्ज कराने की मांग
खड़ियाबेहड़ गांव के किसानों ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से खेती के लिए पट्टे पर जमीन दी गई थी, जिससे वे अपने परिवार का गुजारा करते हैं। लेकिन यह कृषि भूमि अब तक सरकारी कंप्यूटर अभिलेखों में अपडेट नहीं हो सकी है, जिसके कारण उन्हें लगातार प्रशासनिक और कागजी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जानकारी दी कि मौजा खड़ियाबेहड़ के विभिन्न सर्वे नंबरों से जुड़ी इस जमीन की स्थानीय पटवारी द्वारा जांच पूरी की जा चुकी है और संबंधित रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है। इसके बावजूद यह पत्रावली तहसीलदार कार्यालय में लंबित पड़ी हुई है, जिस कारण किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपने वालों में रामहेत, रामदयाल, सत्यराम, क्रिरनाम और वारेलाल सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी से आग्रह किया कि लंबित फाइल पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए पट्टे की जमीन को ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज कराने के आदेश दिए जाएं।
शासकीय रास्ते पर कब्जे से रुका निर्माण कार्य
इसी जनसुनवाई के दौरान भडोली ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गुलाब का पुरा गांव के लोगों ने भी अपनी परेशानी साझा की। ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके गांव के मुख्य आवागमन मार्ग पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे आम रास्ता तंग हो गया है।
शिकायत में बताया गया कि बारिश के दिनों में इस रास्ते पर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसकी वजह से छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई होती है। साथ ही, रात के समय किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो रास्ते के बंद होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत के सरपंच ने इस मार्ग पर मिट्टी डलवाकर सीसी खरंजा निर्माण कार्य शुरू करवाया था, जिसे कुछ स्थानीय लोगों द्वारा रोक दिया गया। ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि रास्ते से अविलंब अतिक्रमण हटवाया जाए ताकि रुका हुआ निर्माण कार्य पूरा हो सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!