मुरैना जिले के सुमावली थाना क्षेत्र के हटूंपुरा गांव में सरकारी जमीन को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के प्रकाश में आने के मात्र 36 घंटे के भीतर ही स्थानीय पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

खेत पर जाते समय हुआ था पुराना विवाद

पुलिस से प्राप्त विवरण के मुताबिक, गत 2 अगस्त को फरियादी अशोक उर्फ रिकू धुरैया अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत में दवाई का छिड़काव करने जा रहे थे। जब वे गांव में नाथूराम और छोटेलाल के आवास के पास पहुंचे, तो वहां पहले से चल रहे भूमि विवाद को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रोक लिया।

शुरुआती तीखी बहस के बाद विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस गोलीबारी की घटना में अजब सिंह, राजवीर, विकास और धीरेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से इलाज के दौरान अजब सिंह और राजवीर की मौत हो गई।

संयुक्त टीमों ने की आरोपियों की गिरफ्तारी

वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने सुमावली, बामौर और नूराबाद थानों की संयुक्त पुलिस टीमों का गठन किया, जिन्होंने मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर छोटेलाल उर्फ छोटे गुर्जर और सत्यपाल उर्फ भूरा गुर्जर को धर दबोचा।

घायल के बयानों से प्रकरण में आया नया मोड़

इस बीच, मामले की तफ्तीश में एक नया मोड़ तब आया जब संघर्ष में घायल हुए दूसरे पक्ष का एक युवक पुलिस के सामने आया। उसकी पीठ में गोली लगी है और वर्तमान में उसका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया था।

इस घायल युवक के विस्तृत बयानों और संकलित साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दो मृतकों—राजवीर गुर्जर और अजब सिंह गुर्जर—समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का क्रॉस मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों की ओर से हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों, फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्षता से तफ्तीश कर रही है तथा शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।