मुरैना जिले के बागचीनी थाना क्षेत्र में धार्मिक स्थलों और कृषि क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है, जबकि इस वारदात में शामिल उनका एक साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
मंदिरों और खेतों को बनाते थे निशाना
बीते 5 अगस्त को ककरथा गांव के रहने वाले राजवीर पादव, वीरमपुरा के मनोज शर्मा और छोटे सिंह का पुरा निवासी कुंअरपाल सिकरवार ने बागचीनी थाने पहुंचकर अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया था कि उनके गांवों के मंदिरों से पीतल के घंटे और खेतों से बिजली के केबल तथा अन्य विद्युत उपकरण चोरी हो गए हैं। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने तुरंत तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर मामलों की तहकीकात शुरू कर दी थी।
घेराबंदी कर दबोचे गए शातिर
मामلا दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को मजबूत किया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सटीक सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी किए गए पीतल के घंटे बेचने के मकसद से मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुम्हेरी-हड़वासी नहर मार्ग से मुरैना की तरफ जा रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल ने नहर मार्ग पर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को धर दबोचा।
लाखों का माल और वाहन जब्त
पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चार लोगों के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम देने का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर करीब 60 हजार रुपये मूल्य के पीतल के घंटे और लगभग 8 हजार रुपये कीमत के बिजली के तार बरामद किए हैं। इसके साथ ही चोरी में प्रयुक्त किए जाने वाले औजार और माल ढोने के काम आने वाली मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए कुल मशरूके की अनुमानित कीमत करीब 1.78 लाख रुपये है। पुलिस अब इस गिरोह के फरार चौथे आरोपी की तलाश में जुट गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!