मुरैना जिले के आबकारी विभाग में इन दिनों प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। यहाँ कार्यवाहक प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात निधि गुप्ता को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक वायरल ऑडियो और वीडियो के तूल पकड़ने के बाद की गई है।

ठेकेदार के साथ बातचीत का ऑडियो आया था सामने

यह पूरा मामला 1 अगस्त को सामने आया था, जब निधि गुप्ता और एक आबकारी ठेकेदार के बीच कथित तौर पर पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत का एक ऑडियो और वीडियो सार्वजनिक हुआ था। इस वायरल प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की अंदरूनी जांच शुरू की गई थी।

कारण बताओ नोटिस और असंतोषजनक जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 अगस्त 2026 को कार्यालयीन पत्र के जरिए निधि गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अधिकारी ने इस नोटिस का जवाब 12 अगस्त को प्रस्तुत किया, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा उनके इस स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद इसे असंतोषजनक पाया गया।

जवाब संतोषजनक न मिलने पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(क) के तहत सख्त कदम उठाते हुए निधि गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए।

निलंबन अवधि में यह रहेगा मुख्यालय

जारी किए गए आदेश के अनुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान निधि गुप्ता का मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, जिला मुरैना ही निर्धारित किया गया है। साथ ही विभागीय नियमों के प्रावधानों के तहत उन्हें इस समयावधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।

प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासनहीनता और इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।