मुरैना जिले के अंबाह अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लुधावली के ग्रामीण मंगलवार को बड़ी संख्या में अंबाह एसडीएम कार्यालय पहुंचे। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र में पदस्थ पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनुविभागीय अधिकारी को एक शिकायती आवेदन सौंपा है।

मुख्यालय पर अनुपस्थिति से बढ़ रही परेशानियां

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित पटवारी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र और मुख्यालय पर नियमित रूप से नहीं मिलते हैं। इसके चलते किसानों को जमीन और राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फार्मर आईडी बनवाने जैसे जरूरी कामों के लिए उन्हें करीब 20 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसके अलावा कई किसानों की फार्मर आईडी में उनके सभी खसरा नंबर तक दर्ज नहीं किए गए हैं।

खाद वितरण और आपदा प्रबंधन में आ रही अड़चनें

खसरा नंबर दर्ज न होने की वजह से किसानों को रकबे के आधार पर मिलने वाले खाद के वितरण में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पटवारी पर फोन कॉल न रिसीव करने और आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप भी जड़े गए हैं।

शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में आगजनी, बाढ़ या जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाओं के वक्त पंचनामा बनाने जैसे जरूरी कार्यों के लिए भी पटवारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम नहीं किया जाता और किसानों को डराया-धमकाया जाता है।

ग्रामीणों ने नए और योग्य पटवारी की पदस्थापना की मांग की

शिकायतकर्ताओं के अनुसार पटवारी पंचायत की बैठकों से भी नदारद रहते हैं और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की समस्याएं संज्ञान में लाने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।

सरपंच और ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि लुधावली जैसी बड़ी ग्राम पंचायत में किसी अन्य योग्य पटवारी की नियुक्ति की जाए और वर्तमान पटवारी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, ताकि किसानों को राजस्व कार्यों में राहत मिल सके।