अंबाह में खाद वितरण के नए नियम लागू

स्थानीय किसानों को समय पर और व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अंबाह क्षेत्र में अब उर्वरक का वितरण पूरी तरह से ई-टोकन व्यवस्था के जरिए ही किया जाएगा।

इस संबंध में तहसीलदार नरेश शर्मा ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अन्नदाताओं से आग्रह किया है कि वे अपनी फार्मर आईडी को सक्रिय करवाएं और उसमें अपने सर्वे नंबर भी समय पर दर्ज कराएं।

पटवारियों को दिए गए त्वरित समाधान के निर्देश

प्रशासन ने मैदानी अमले को भी इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने सभी पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे उन किसानों की समस्याओं का तुरंत निराकरण करें जिनकी फार्मर आईडी चालू नहीं है।

अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और अफरा-तफरी से राहत मिलेगी, जिससे किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद मिल सकेगी।

पहले रोक के बाद अब बदली गई प्रक्रिया

गौरतलब है कि इससे पहले 14 अगस्त को किसान कल्याण एवं कृषि विभाग ने एक आदेश जारी किया था। भारत सरकार के आईएमएफएस पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक के मिलान न होने के कारण आगामी आदेश तक खाद के विक्रय पर रोक लगा दी गई थी।

उक्त तिथि को शाम 7 बजे तक किसानों को बिना ई-टोकन के सामान्य रूप से खाद बांटी जा रही थी। अब नई और पारदर्शी ई-टोकन व्यवस्था के दोबारा प्रभावी होने के बाद, क्षेत्र के किसानों को केवल ई-टोकन के माध्यम से ही उर्वरक का वितरण किया जाएगा।