सबलगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ को पद से हटाने के लिए पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को ग्वालियर हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन को इस महत्वपूर्ण मामले में अगले आठ हफ्तों के भीतर अपना निर्णय सुनाने का आदेश दिया है।
पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा था प्रस्ताव
यह मामला तब सामने आया जब पार्षद सोनपाल जादौन और श्रीपति प्रजापति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 17 दिसंबर को जिला कलेक्टर को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने को चुनौती दी थी। सबलगढ़ नगर पालिका के कुल 17 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था।
प्रस्ताव में शामिल पार्षदों ने अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। 17 दिसंबर को सुबह से ही पार्षदों के एकजुट होने की चर्चाएं चल रही थीं। दोपहर बाद, सभी पार्षद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ को पद से हटाने के लिए आवेदन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस आवेदन को चुनाव अधिकारी, भोपाल भेजने की प्रक्रिया भी बताई गई थी।
2022 में 10 पार्षदों ने चुना था अध्यक्ष
जानकारी के अनुसार, साल 2022 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने नगरीय प्रशासन के नियमों में बदलाव करते हुए पार्षदों के बीच से ही अध्यक्ष चुने जाने का प्रावधान किया था। इसी नियम के तहत नगर पालिका चुनाव में 10 पार्षदों ने सोनेराम धाकड़ को अध्यक्ष के रूप में चुना था। उन्होंने 5 अगस्त 2022 को पदभार ग्रहण किया था। राज्य सरकार ने पहले अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन साल की अवधि तय की थी, जिसे बाद में घटाकर एक साल कर दिया गया था।
आठ सप्ताह में होगा अंतिम फैसला
इस पूरे कानूनी मामले में पार्षदों का पक्ष वकील डीपी सिंह ने पुरजोर तरीके से रखा और अपनी दलीलें पेश कीं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सबलगढ़ नगर पालिका की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अब सरकार को आठ सप्ताह के भीतर इस अविश्वास प्रस्ताव पर अपना अंतिम निर्णय देना होगा, जिसके बाद ही अध्यक्ष के भविष्य का फैसला हो सकेगा।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!