मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई का एक संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां मंगलवार को एक मासूम छात्र अपने दादा के साथ अपनी फरियाद लेकर पहुंचा था। छठी कक्षा में पढ़ने वाले इस बच्चे के एक हाथ में प्लास्टर बंधा हुआ था, जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी चौंक गए।
एसपी ने दुलारकर जानी छात्र की परेशानी
कार्यालय पहुंचे घायल छात्र पर जब एसपी धर्मराज मीणा की नजर पड़ी, तो उन्होंने स्वतः संज्ञान लेते हुए उसे अपने पास बुलाया। एसपी ने स्नेहपूर्वक बच्चे को कुर्सी पर बैठाया और उसका हालचाल जाना। इतना ही नहीं, उसका हौसला बढ़ाने के लिए उसे चॉकलेट दी, जिसके बाद बच्चे ने खुलकर अपनी पूरी व्यथा अफसरों को सुनाई।
नकल रोकने पर शिक्षकों पर पीटने का आरोप
पीड़ित छात्र ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि वह पोरसा के बुधारा माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह का विद्यार्थी है। उसके अनुसार गत 1 अगस्त को परीक्षा चल रही थी, तभी उसके पीछे बैठे कुछ छात्र उसकी कॉपी से नकल कर रहे थे। जब उसने ऐसा करने से मना किया, तो उन छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों से उसकी झूठी शिकायत कर दी।
छात्र का सीधा आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर स्कूल के शिक्षक सूरजभान तोमर, राजवीर सिंह और रामरूप माहौर ने उसके साथ मारपीट की। शिक्षकों द्वारा डंडों से किए गए प्रहार के कारण उसके हाथ की हड्डी में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे अस्पताल में प्लास्टर बंधवाना पड़ा।
एक्स-रे रिपोर्ट देख एसपी ने दिए मुकदमे के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान छात्र ने एसपी को अपने हाथ का एक्स-रे भी दिखाया। मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी धर्मराज मीणा ने तत्काल पोरसा थाना प्रभारी को आरोपी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी किए।
पुलिस और शिक्षा विभाग के अपने-अपने तर्क
पोरसा थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश मिल चुके हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है। शिक्षकों और फरियादी पक्ष दोनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तथा मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण करके अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरी ओर, जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने इस मामले में अलग पक्ष रखा है। उनके मुताबिक शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेलते वक्त गिर गया था जिससे उसे चोट लगी। फिलहाल शिक्षा विभाग भी अपने स्तर पर मामले की पड़ताल कर रहा है और अभी तक शिक्षकों की संलिप्तता स्पष्ट नहीं हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!