मध्य प्रदेश शासन की 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' पहल के तहत मंगलवार को मुरैना जिले में एक विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने स्वयं जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान जिले भर में नशे के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

गांव-गांव और शहर में पहुंचेगा जागरूकता रथ

इस अभियान के अंतर्गत, एक विशेष जागरूकता रथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों के विभिन्न हिस्सों में भी पहुंचेगा। रथ के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को नशे के सेवन से होने वाले गंभीर शारीरिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही, नशे से बचाव और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्वास्थ्य और समाज पर नशे के दुष्परिणामों से कराया जाएगा अवगत

अभियान में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लोगों को यह समझाने का प्रयास करेंगी कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकारमय बना सकता है। आम जनता से यह अपील की जाएगी कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खतरों से आगाह करें।

स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर होंगे विशेष कार्यक्रम

जागरूकता अभियान के तहत, जिले के बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों, चौराहों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह विशेष अभियान अगले 15 दिनों तक पूरे जिले में सक्रिय रूप से चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से जनजागरूकता संबंधी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा सके।