मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले कैलारस में लंबे समय से बंद पड़े शक्कर कारखाने को चालू कराने की मांग को लेकर जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वे इस सिलसिले में सीधे फैक्ट्री परिसर में ही अनशन पर बैठे हुए हैं।

किसानों और समर्थकों का मिल रहा समर्थन

विधायक के इस विरोध प्रदर्शन और अनशन को स्थानीय स्तर पर किसानों, कांग्रेस नेताओं और शक्कर कारखाने से जुड़े तमाम लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री परिसर पहुंचकर इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

भाजपा नेताओं की पुरानी घोषणाओं पर उठाए सवाल

आंदोलन कर रहे विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने इस कारखाने को एमएसएमई विभाग के हवाले कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता इस कारखाने को चालू करने की कई बार सार्वजनिक घोषणा कर चुके हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

जब तक मुख्यमंत्री कार्यालय से इस कारखाने को शुरू कराने का लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक यह आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। - पंकज उपाध्याय, विधायक

एक दशक से अधिक समय से ठप है कारखाना

जानकारी के अनुसार कैलारस का यह शक्कर कारखाना पिछले दस वर्षों से अधिक समय से पूरी तरह से बंद पड़ा है। वर्ष 2025 में सरकार ने इसे एमएसएमई विभाग को सौंपा था। उस समय कारखाने पर किसानों और अन्य सहकारी समितियों की लगभग 61 करोड़ रुपए की देनदारियां बताई गई थीं, जिनका भुगतान एमएसएमई द्वारा किए जाने की बात कही गई थी।

इस कारखाने के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को अपनी गन्ने की फसल बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर एक सुलभ बाजार मिलने की बड़ी उम्मीद है। इसी स्थानीय मुद्दे को लेकर विधायक ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसानों के इस हितैषी मुद्दे पर पूरी पार्टी विधायक के साथ मजबूती से खड़ी है।