मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाली भदावली पंचायत के स्थानीय रहवासी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ से सीधी मुलाकात कर महिला सरपंच राखी के पति भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

मृत व्यक्तियों और बुजुर्गों के नाम पर चल रहे जॉब कार्ड

शिकायत में ग्रामीणों ने गंभीर खुलासे करते हुए बताया कि पंचायत में ऐसे लोगों के नाम से भी जॉब कार्ड सक्रिय हैं जिनकी बहुत पहले मौत हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर राम सिंह पुत्र जगदीश का जिक्र किया गया, जिनकी मृत्यु 29 अप्रैल 2025 को हो चुकी है। इसके बावजूद उनका जॉब कार्ड क्रमांक 1948 आज भी चालू स्थिति में दर्शाया जा रहा है और उनके नाम पर भुगतान निकाला जा रहा है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के नाम पर भी फर्जी तरीके से कार्ड बनाए जाने की बात कही गई है।

सरपंच पति पर खुद का जॉब कार्ड रखने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की सीमाएं तब पार हो गईं जब महिला सरपंच राखी के पति भूपेंद्र सिंह के नाम से भी जॉब कार्ड क्रमांक 1766 जारी कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां प्रभावशाली लोग अनुचित लाभ उठा रहे हैं, वहीं वास्तव में जरूरतमंद और पात्र ग्रामीण अपने हक का जॉब कार्ड बनवाने के लिए पंचायत कार्यालय के लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।

ग्राम निवासी शिवनंदन ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि पंचायत में पुराने स्टॉप डेमों को ही नया बताकर कागजों में हेरफेर की गई। प्रत्येक डेम पर करीब 14 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि का आहरण कर लिया गया है। साथ ही, पंचायत निधि से लगवाए गए सार्वजनिक नलकूप को सरपंच की निजी जमीन पर स्थापित कर दिया गया है, जिससे आधे गांव को ही पानी मिल पा रहा है और बाकी आबादी पेयजल से वंचित है।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष प्रशासनिक दल गठित किया जाए और अनियमितता में लिप्त पाए जाने वाले लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने ग्रामीणों की बात ध्यानपूर्वक सुनने के बाद आश्वासन दिया कि मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिवत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।