मुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को कक्षा के ब्लैक बोर्ड पर लिखे गए एक सुविचार को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय के ब्लैक बोर्ड पर 18 अगस्त 2026 के दिन के विचार के रूप में एक आपत्तिजनक टिप्पणी दर्ज की गई थी।
ब्लैक बोर्ड पर लिखी गई अमर्यादित बात
सामने आई जानकारी के अनुसार, स्कूल के ब्लैक बोर्ड पर लिखा गया था कि इस दुनिया में जो नौजवान ईश्वरवादी है, वह नामर्द है। इस वाक्य के नीचे महान क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम भी लिखा हुआ था, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
यह मामला एक शासकीय कन्या विद्यालय से जुड़ा होने के कारण अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि शिक्षण संस्थान और खासकर छात्राओं के सामने इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाना पूरी तरह से अशोभनीय है।
शिक्षक द्वारा लिखे जाने की है चर्चा
प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि विद्यालय के ही एक शिक्षक द्वारा ब्लैक बोर्ड पर यह विचार लिखा गया था। हालांकि, इस तरह की भाषा का प्रयोग करने के पीछे संबंधित शिक्षक का क्या उद्देश्य था, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं मिल सकी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए प्राचार्य रघुवीर से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। इस वजह से प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है।
भगत सिंह के मूललेखन से नहीं है मेल
विशेषज्ञों का कहना है कि शहीद भगत सिंह के प्रसिद्ध लेख ‘मैं नास्तिक क्यों हूं’ में उन्होंने नास्तिकता और ईश्वर में अविश्वास के अपने विचार जरूर रखे हैं, लेकिन उनके मूल लेखन में इस तरह की अमर्यादित भाषा का कोई उल्लेख नहीं मिलता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!