मुरैना जिले के अंबाह में स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर पर लंबे समय से व्याप्त जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का धैर्य जवाब दे गया। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का दूषित पानी जमा होने से आक्रोशित श्रद्धालुओं ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में स्थानीय विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार भी शामिल हुए। सभी प्रदर्शनकारी मंदिर के पास जमा गंदे पानी से भरी नाली में बैठकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।

नगर पालिका कार्यालय में हंगामा

गंदे पानी में बैठकर नारेबाजी करने के बाद, आक्रोशित श्रद्धालुओं ने नगर पालिका कार्यालय तक एक जुलूस निकाला। जब प्रदर्शनकारी नगर पालिका भवन पहुंचे, तो वहां न तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मौजूद थे और न ही कोई अन्य कर्मचारी अपने दफ्तर में मिला।

अधिकारियों की इस अनुपस्थिति ने श्रद्धालुओं और आम जनता के गुस्से को और भड़का दिया। इसके बाद उन्होंने नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।

विधायक ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर मंदिर मार्ग से जलभराव की समस्या को दूर करने का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ मिलकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुआ प्रदर्शन

मामले की गंभीरता को समझते हुए, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के निर्देश पर नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार वर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से विस्तार से चर्चा की और संबंधित अधिकारियों से बात करने के बाद तीन दिन के भीतर नाली की सफाई और जलभराव की समस्या को दूर करने का काम शुरू कराने का ठोस आश्वासन दिया।

नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपने और उनके द्वारा दिए गए इस आश्वासन के बाद ही, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और शांतिपूर्वक वापस लौटे।