मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा थाने से जुड़ा एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल नीरज तोमर और एक वकील के बीच बातचीत हो रही है, जिसमें कोर्ट में चालान पेश करने और उस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने के एवज में पैसों की मांग की जा रही है।
रुपयों के सौदे को लेकर लंबी बातचीत
वायरल ऑडियो में सुनाई दे रहा है कि वकील चालान पर हस्ताक्षर कराने को लेकर बात कर रहा है। शुरुआती बातचीत में रकम तय करने को लेकर मोलभाव होता है। हेड कॉन्स्टेबल का कहना है कि संबंधित अधिकारी बिना राशि लिए हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिसके चलते तय प्रक्रिया के तहत भुगतान करना पड़ता है।
बातचीत के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर और कोर्ट मुंशी का भी जिक्र आता है। हेड कॉन्स्टेबल का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कई स्तरों पर खर्चा होता है, जिसमें कोर्ट मुंशी के रूप में धर्मेंद्र भदौरिया का नाम भी लिया जाता है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
थाना प्रभारी और अन्य मदों में खर्च का दावा
ऑडियो में आगे बातचीत के दौरान थाना प्रभारी को भी राशि देने की बात कही जाती है। जब वकील इसे सहयोग राशि के रूप में लेने की बात कहता है, तो हेड कॉन्स्टेबल इसे मजाकिया अंदाज में 'बर्थडे गिफ्ट' करार देता है। बातचीत में यह भी कहा जाता है कि अधिकारी तभी कागजों पर मुहर लगाएंगे जब नियमों के दायरे से हटकर बात बनेगी।
इसके अलावा बातचीत में सोने के मामलों से जुड़ी रकम का भी जिक्र आता है। हेड कॉन्स्टेबल और वकील के बीच सोने की बरामदगी होने पर मिलने वाली संभावित राशि को लेकर चर्चा होती है, जिसमें 20 से 30 हजार रुपए तक की बात कही जाती है। बातचीत के अंत में हेड कॉन्स्टेबल का मुख्य फोकस अगले दिन हर हाल में चालान कोर्ट में पेश करने पर रहता है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
इस पूरे मामले में जब जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बाद में फोन उठाने पर उन्होंने व्यस्त होने का हवाला देकर बात बाद में करने की बात कही और फोन काट दिया।
वहीं, जौरा के एसडीओपी नितिन बघेल का कहना है कि पुलिस के पास भी यह ऑडियो पहुंच चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले इस ऑडियो की सत्यता की जांच की जाएगी। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल और थाना प्रभारी से पूछताछ की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!