मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के हटूपुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे और मकान निर्माण को लेकर चल रहा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में दो भाइयों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, हटूपुरा गांव में सरकारी डांडे की करीब पांच बिस्वा जमीन को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। मृतकों के परिवार का आरोप है कि वे जमीन पर मकान बनाना चाहते थे, जबकि दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। रविवार सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, फिर विवाद बढ़ते-बढ़ते फायरिंग तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों के पास बंदूकें, लाठियां और अन्य हथियार मौजूद थे।

पुलिस के अनुसार, हटूपुरा गांव में सरकारी डांडे की करीब पांच बिस्वा जमीन को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। मृतकों के परिवार का आरोप है कि वे जमीन पर मकान बनाना चाहते थे, जबकि दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। रविवार सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, फिर विवाद बढ़ते-बढ़ते फायरिंग तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों के पास बंदूकें, लाठियां और अन्य हथियार मौजूद थे।

मौके पर हुई दो भाइयों की मौत

फायरिंग में राजवीर गुर्जर (42) और उनके छोटे भाई अजब सिंह उर्फ बंटू (30) को गोली लगी। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं विकास गुर्जर और धीरेंद्र उर्फ पप्पू गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।

परिवार के भीतर पुराना विवाद

जानकारी के मुताबिक, विवाद दो सगे भाइयों के परिवारों के बीच चल रहा था। दोनों परिवारों की खेती की जमीन पास-पास है और सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था।

8 नामजद और 6 अज्ञात आरोपी

मृतकों के परिजनों ने नाथूराम, छोटेलाल, सचिन, राहुल, बसुमित, सत्यपाल, लवकुश और गोलू समेत कुल 8 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 6 अज्ञात लोगों पर भी हत्या और फायरिंग में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

गांव में पुलिस तैनात, आरोपियों की तलाश जारी

दोहरी हत्या के बाद पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। सुमावली थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस का बयान

थाना प्रभारी के अनुसार, “सरकारी जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जो अचानक हिंसक हो गया। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”