मुरैना जिले के रामपुरकलां थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में मारपीट और चोरी जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भी पुलिस द्वारा समय पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ताओं से आवेदन तो ले लिए जाते हैं, लेकिन नियमानुसार अपराध दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है, जिससे पीड़ितों में गहरा असंतोष है। कई मामले तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुके हैं, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विद्युत विभाग के जेई से मारपीट का मामला
विद्युत वितरण केंद्र रामपुरकलां के कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक जाटव ने बताया कि 16 जुलाई की शाम लगभग 4:30 बजे वे अपनी टीम के साथ ग्राम बेरखेड़ा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य बकाया बिजली बिलों की वसूली करना और ट्रांसफार्मर का कनेक्शन काटना था। कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार, वीरखेड़ा फीडर पर कुल 8.26 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है।
जेई जाटव के अनुसार, जब उनकी टीम सरकारी कार्रवाई कर रही थी, तभी मातादीन बघेल, अरविंद बघेल, सुनील कुशवाहा और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। इन लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की और मारपीट की। साथ ही, टीम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के समय विभाग के कर्मचारी शैलेंद्र शर्मा, रोहित सिंह जादौन, रामवरण धाकड़, रूपेंद्र बाथम और दुर्गेश धाकड़ भी मौके पर मौजूद थे। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।
जेई विवेक जाटव ने रामपुरकलां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। आरोप है कि पुलिस तीनों नामजद आरोपियों को थाने ले तो आई, लेकिन रात में बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
फल विक्रेता के यहां दो लाख की चोरी, रिपोर्ट नहीं
रामपुरकलां निवासी फल व्यापारी अनूप जाटव ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को उनकी अलमारी से 2 लाख रुपए गायब हो गए थे। यह राशि उन्हें कैलारस के एक फल व्यापारी को भुगतान करने के लिए ले जानी थी।
अनूप जाटव ने तत्काल रामपुरकलां थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाए रखने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अगले दिन वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां से निर्देश मिलने के बाद पुलिस उनके घर जांच के लिए पहुंची। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी चोरी का यह मामला अब तक दर्ज नहीं किया गया है।
थाना प्रभारी का विरोधाभासी बयान
कनिष्ठ अभियंता विवेक जाटव ने बताया कि उनकी टीम पर हमला हुआ और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, आरोपियों को छोड़ दिया गया। वहीं, फल विक्रेता अनूप जाटव ने भी अपनी चोरी की रिपोर्ट दर्ज न होने की पुष्टि की। इस संबंध में जब रामपुर थाना प्रभारी एएसआई आर के वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने पहले दावा किया कि जेई ने मारपीट के मामले में समझौता कर लिया था। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जेई इस बात से इनकार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आरोपियों को छोड़ दिया गया है, तो थाना प्रभारी अपने बयान से पलट गए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!