मुरैना शहर में चार वर्षीय कार्तिकेय राजपूत के बहुचर्चित अपहरण कांड का पुलिस ने तीन दिन के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में बच्चे के पिता निलेश राजपूत को राजस्थान के पाली जिले से हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपी पिता के कब्जे से मासूम कार्तिकेय को सुरक्षित ढूंढ निकाला है।
अपहरण की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई की दोपहर की है। निलेश राजपूत रेनबो स्कूल पहुंचा और छुट्टी होने के बाद अपने बेटे कार्तिकेय को स्कूल के बाहर से अपने साथ ले गया। उस समय उसके साथ स्कूटी पर एक और व्यक्ति भी था। दोनों स्कूटी से मौके से रवाना हुए और चंबल नदी पुल के पास स्कूटी छोड़कर किसी अन्य वाहन से राजस्थान की ओर चले गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निलेश राजपूत ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस अपहरण की योजना बनाई थी। वह घटना से 12 दिन पहले मुरैना के साईं पैलेस लॉज में रुका था। इसी दौरान उसने स्कूल की रेकी की और अपहरण की पूरी साजिश रची। अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कूटी लॉज संचालक की बताई जा रही है।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने पिछले 72 घंटों से राजस्थान के पाली में लगातार खोजबीन की। तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
अपहरण की पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज में निलेश अपने बेटे कार्तिकेय को अपने साथ ले जाते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इस फुटेज और स्कूटी के विवरण ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग दिए।
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी कार्तिकेय की मां इशू ने शुरुआत में अपने पति निलेश की पहचान से इनकार कर दिया था। हालांकि, बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जांच में सहयोग किया। वहीं, साईं पैलेस लॉज के संचालक ने सीसीटीवी फुटेज में निलेश की पहचान की पुष्टि की थी।
अब पुलिस आरोपी निलेश राजपूत से विस्तृत पूछताछ करेगी। इस पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि उसने अपहरण की साजिश क्यों रची, इस पूरी घटना में कौन-कौन शामिल था और बच्चे को मुरैना से राजस्थान तक कैसे ले जाया गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!