मुरैना जिले के सबलगढ़ में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने नगर की जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। मंगलवार सुबह हुई कुछ घंटों की बरसात के बाद ही शहर की मुख्य सड़कें और नेशनल हाईवे 552 पानी में डूब गए, जिससे स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर की सड़कों पर नदी जैसा नजारा
बारिश का पानी नालों और नालियों से ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया, जिससे सिविल अस्पताल के सामने, मंडी संतर नंबर 5 और गुरुद्वारा रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। नेशनल हाईवे 552 का एक बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।
इस जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से मुश्किलों का सामना करना पड़ा, कई वाहन चालक पानी से बचते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखे। पैदल यात्रियों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा, वहीं दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भी अपने प्रतिष्ठानों और घरों तक पहुंचने में बाधाएं आईं।
नालियों की सफाई में लापरवाही और जनता की शिकायतें
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा नालों और नालियों की उचित सफाई न होने के कारण यह समस्या हर साल उत्पन्न होती है। पिछले लगभग 15 दिनों से नालियों में कचरा और गाद जमा होने से पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया था, खासकर संतर नंबर पांच की पुलिया से पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पा रही थी।
स्थानीय निवासी ज्ञान सिंह कुशवाह ने बताया, 'शहर की कई नालियों की निचली सतह तक सफाई नहीं की जाती, जिससे हर साल बारिश में यही हाल होता है।' छात्र जाह्नवी चौहान ने रामपुर मार्ग से गुरुद्वारा रोड पर जलभराव के कारण आने-जाने में भारी परेशानी व्यक्त की।
एक अन्य नागरिक महेंद्र सिंह जादौन ने जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में 181 हेल्पलाइन, एसडीएम और सीएमओ कार्यालय में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया है कि नगर पालिका के सीएमओ सौरभ जैतवार फिलहाल अवकाश पर हैं।
मानसून की पहली बारिश ने ही सबलगढ़ की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को सामने ला दिया है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि आने वाले दिनों में उन्हें ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!