मुरैना जिले में इस बार मानसून की चाल पिछले साल के मुकाबले काफी सुस्त रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से 24 अगस्त तक जिले में औसतन केवल 358.3 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। जबकि बीते वर्ष इसी समयावधि में जिले में 800.8 मिलीमीटर पानी बरस चुका था। इस प्रकार इस साल पिछले साल की तुलना में अब तक 442 मिलीमीटर कम बारिश दर्ज हुई है।
सोमवार की बारिश से कुछ हिस्सों में मिला सुकून
हालांकि बीते सोमवार को जिले के कई इलाकों में बाद मेहरबान हुए और अच्छी बरसात देखने को मिली। 24 अगस्त को जिले में औसतन 27.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस एक दिन की बारिश से पानी के कुल आंकड़ों में मामूली सुधार जरूर हुआ है, लेकिन सीजन का कुल औसत अभी भी सामान्य से काफी पीछे चल रहा है।
पोरसा और जौरा में बरसे सबसे ज्यादा बादल
सोमवार को हुई बारिश के वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक 65 मिलीमीटर पानी पोरसा तहसील में गिरा। इसके बाद जौरा क्षेत्र में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं सबलगढ़ में 18 मिमी, कैलारस में 15 मिमी, मुरैना मुख्यालय पर 14 मिमी और अंबाह में मात्र 0.5 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई, जिससे कुछ क्षेत्रों में मौसम सुहाना हो गया।
तहसीलवार आंकड़ों में अंबाह सबसे पीछे
एक जून से 24 अगस्त तक के तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार जौरा में सबसे अधिक 521 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा कैलारस में 401 मिमी, पोरसा में 379.5 मिमी और सबलगढ़ में 373.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है। मुरैना तहसील में अब तक 331.4 मिमी पानी गिरा है, जबकि अंबाह में सबसे कम मात्र 143.1 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है।
प्रभारी भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के आरके सिन्हा के मुताबिक, मुरैना जिले की सामान्य वार्षिक बारिश 706.9 मिलीमीटर है। मानसून सीजन के लगभग तीन महीने गुजर जाने के बावजूद जिले में औसत बारिश का आंकड़ा काफी कम है। हालांकि हालिया बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अंबाह और अन्य इलाकों में अभी भी पर्याप्त पानी की दरकार है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!