सबलगढ़ और कैलारस में किसानों को खाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर 12 बजे पुरानी सब्जी मंडी चौराहे पर 24 घंटे का भूख हड़ताल शुरू किया गया है।
किसानों का कहना है कि डीएपी और यूरिया खाद की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया जटिल है और कूपन प्राप्त करने में काफी समय लग रहा है। कई किसानों को इस नई प्रणाली की पूरी जानकारी न होने के कारण खाद मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे खरीफ की बुवाई प्रभावित हो रही है।
इसके अतिरिक्त, एनपीके खाद को ₹2100 प्रति बोरी की बढ़ी हुई कीमत पर खरीदना किसानों के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है। खरीफ फसलों के लिए यूरिया की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन बाजार में डीएपी खाद भी आसानी से उपलब्ध नहीं है।
उत्पादन और सरकारी नीतियों पर सवाल
माकपा नेताओं ने खाद उत्पादन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खाद निर्माण के लिए आवश्यक गैस टैंकर समुद्र में खड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भारत लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है। पार्टी का दावा है कि मांग के अनुरूप उत्पादन न होने के कारण यह संकट और गहरा गया है।
किसानों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी
भूख हड़ताल की शुरुआत माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड अशोक तिवारी ने माला पहनाकर की। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। सभा का संचालन जिला समिति सदस्य इसराइल खान ने किया।
इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे प्रमुख नेताओं में जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़, जिला समिति सदस्य आदिराम आर्य, तहसील सचिव अशोक राठौड़, योगेश धाकड़ और घमंडी केवट शामिल रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!